सोमवार, 7 अक्टूबर 2013

निष्पक्ष चुनाव कराने की आचार संहिता : नवभारत टाइम्स में प्रकाशित



  • शिवानन्द द्विवेदी सहर

दिल्ली सहित पाँच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान
चुनाव आयोग द्वारा किया जा चुका है ! चुनाव आयोग द्वारा अलग-अलग तारीखों के ऐलान के साथ ही चुनावी कोड ऑफ कंडक्ट यानी आदर्श आचार संहिता इन सभी राज्यों में प्रभावी हो चुकी है ! आइये जानते है कि क्या है चुनावी आचार संहिता का असर ?

क्या है आदर्श आचार संहिता
भारतीय संविधान के जनप्रतिनिधित्व क़ानून 1951 के तहत देश में आम चुनाव कराने का प्रावधान है ! इसी के तहत अनुच्छेद 324 में उन सभी नियमों का वर्णन है कि किस प्रकार से चुनावों का आयोजन हो और चुनाव संपन्न कराये जाय ! आदर्श चुनाव आचार संहिता भी संविधान के इसी क़ानून का एक हिस्सा है जिसके तहत देश संसद एवं विधायिकाओं के चुनाव शान्तिपूर्ण ढंग से चुनाव आयोग द्वारा संपन्न कराये जाते हैं !

सत्ता पक्ष पर नियंत्रण
आचार संहिता लागू होने के बाद सत्ताधारी पार्टी का कोई भी मंत्री विधायक किसी भी सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं कर सकता है ! साथ ही आचार संहिता लागू होते ही उन सभी विज्ञापनों पर रोक लग जाती है जो पूर्णतया सरकारी होते हैं और सरकार की उपलबधिया बताते हैं ! इस दौरान न तो सरकार के तरफ से किसी योजना अथवा कार्य की घोषणा हो सकती है और ना ही कोई अन्य लुभावने वादे किये जा सकते हैं !

देना होगा कदम-कदम का हिसाब
आचार संहिता लागू होते ही सभी तरह की राजनीतिक रैलियों एवं बैठकों पर चुनाव आयोग अथवा स्थानीय पुलिस की निगरानी रहती है एवं बिना तारीख एवं रैली की जगह बताये कोई भी राजनीतिक दल रैली आदि नहीं कर सकता है ! इसमें यह तय किया जाता है कि रैली कब शुरू होगी, कहाँ से कहाँ तक जायेगी एवं इस दौरान यातायत कैसे प्रभावित नहीं होगा !

टीका-टिप्पणी में अनुशासन
आचार संहिता के दौरान चुनाव आयोग इस बात पर नजर रखता है कि कोई भी राजनीतिक दल व्यक्तिगत अथवा साम्प्रदायिक टीका-टिप्पणी तो नहीं कर रहा ! हालाकि वैचारिक स्तर पर तो आलोचना की छूट सबको होती है लेकिन कोई भी ऐसी टिप्पणी नहीं हो सकती है जो निहायत व्यक्तिगत हो !

अंतिम दिन
चुनाव के दिन से चौबीस घंटे पहले किसी प्रकार की चुनाव प्रचार-प्रसार की गतिविधि एवं चुनावी भ्रमण आदि पर विराम लगा दिया जाता है ! साथ ही चुनाव के दिन किसी भी राजनीतिक दल के चुनावी कैम्प पर भीड़-भाड़ एवं लाव-लश्कर नहीं दिखना चाहिए !

शिकायत एवं पर्यवेक्षण
आचार संहिता के नियमों के अनुसार अगर किसी व्यक्ति, उम्मीदवार आदि को ऐसा लग रहा है कि कहीं आदर्श आचार संहिता का उलंघन हो रहा है, ऐसे में वो अपनी शिकायत चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक को दर्ज करा सकता है !

आचार संहिता उलंघन प्रावधान
किसी भी तरह से किसी उम्मीदवार द्वारा अचार संहिता उलंघन किये जाने कि स्थिति में कई तरह के दंड प्रावधान हैं ! शस्त्र लाइंसेंस रद्द किये जाने के अलावा गंभीर मामला होने की स्थिति में उम्मीदवारी भी निरस्त किये जाने का प्रावधान है जिसके तहत उम्मीदवार की उम्मीदवारी निरस्त की जा सकती !

मतदाताओं को प्रोत्साहित करना
आचार संहिता का मकसद होता है कि चुनाव निष्पक्ष हो और देश का हर आम और खास व्यक्ति चुनावों में अपनी उच्च भागीदारी दे सके ! चुनाव आयोग द्वारा मतदाताओं को अपना मत प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयोग पिछले कुछ सालों में किया गया है ! विज्ञापनो एवं अन्य माध्यमों से चुनाव आयोग अब ऐसा प्रयास करता रहा है !      

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